तालिसादि चूर्ण के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Talisadi Churna ke fayde

तालिसादि चूर्ण मुख्य द्रव्य तालिसपत्र होता है | इसी के आधार पर इसे तालिसादी चूर्ण कहते है | तालीसपत्र मीठा, गर्म तासीर का और तीखा होता है। तालीसपत्र न सिर्फ कफ और वात को कम करने में सहायता करता है बल्कि खाने में रुचि भी बढ़ाता है। यह खाँसी, हिक्का, सांस संबंधी समस्या, उल्टी, रक्त दोष के उपचार में मदद करने के अलावा वाजीकरण या सेक्स करने की इच्छा बढ़ाने में भी उपयोगी होता है।

तालिसादि चूर्ण के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Talisadi Churna ke fayde
Talisadi Churna ke fayde

तालिसादि चूर्ण के फायदे , प्रयोग, खुराक और नुकसान | Talisadi Churna ke fayde | Talisadi Churna benefits,uses,dosage and disadvantages in hindi

औषधीय उपयोग के दृष्टि से तालीशपत्र (thaleesapathradi choornam) गुणकारी माना जाता है। तालीशपत्र सर्दी-खाँसी जैसे आम बीमारी का इलाज करने के साथ-साथ मिर्गी, रक्तपित्त (नाक-कान जैसे अंगों से खून बहने की बीमारी) जैसे जटिल बीमारी के उपचार में भी सहायता करता है।

तालिसादि चूर्ण के गुणधर्म (Talisadi Churna KE GUN IN HINDI)

तालीसपत्र मीठा, गर्म तासीर का और तीखा होता है। तालीसपत्र न सिर्फ कफ और वात को कम करने में  सहायता करता है बल्कि खाने में रुचि भी बढ़ाता है। यह खाँसी, हिक्का, सांस संबंधी समस्या, उल्टी, रक्त दोष के उपचार में मदद करने के अलावा वाजीकरण या सेक्स करने की इच्छा बढ़ाने में भी उपयोगी होता है।

तालिसादि चूर्ण के फायदे और उपयोग : Talisadi Churna benefits and Uses (labh) in Hindi

खाँसी से राहत दिलाये तालीशपत्र का चूर्ण (Talisapatradi Churna Relieve from Cough in Hindi)

मौसम बदला की नहीं सर्दी, खाँसी, बुखार होना शुरू हो जाता है। अगर आपको भी यही परेशानी है तो तालीशपत्र का सेवन इस प्रकार कर सकते हैं-

3-5 ग्राम की मात्रा में तालीशादि चूर्ण (talisapatradi churnam) का सेवन करने से भूख बढ़ती है तथा खाँसी, साँस फूलना, भूख न लगना, दिल की बीमारियाँ आदि रोगों में लाभ होता है।

2-4 ग्राम तालीसादि चूर्ण (talisadi churna in hindi)का सेवन करने से खाँसी, साँस फूलना, बुखार, उल्टी, अतिसार या दस्त, पेट फूलना, ग्रहणी (Irritable bowel syndrome)आदि रोगों में लाभ होता है। यह चूर्ण रुचिकारक तथा पाचक दोनों होता है।

तालिसादि चूर्ण चूर्ण खांसी दूर करने में भी फायदेमंद (talisapatradi churna benefits) होता है।  2-4 ग्राम तालीश पत्र चूर्ण में शहद या अदरक-का रस मिलाकर चटाने से खांसी ठीक होता है तथा अपच की समस्या आदि में लाभ मिलता है।

2-4 ग्राम तालिसादि चूर्ण को गुनगुने जल के साथ सेवन कराने से कुक्कुर खांसी (Whooping cough) में लाभ होता है।

तालीशपत्र (thaleesapathradi choornam)को पीसकर छाती पर लेप करने से भी कफ की बीमारी दूर होती है।

तपेदिक में फायदेमंद तालीशपत्र (Benefits of Talisapatradi in Tuberculosis in Hindi)

तपेदिक या टीबी के लक्षणों से राहत दिलाने में तालीशपत्र चूर्ण बहुत ही फायदेमंद (talisapatradi churna benefits) होता है।

 2-4 ग्राम तालीशपत्र चूर्ण (thaleesadi churnam) में अडूसा पत्ते का रस 10 मिली मिलाकर खिलाने से ट्यूबरक्लोसिस में लाभ होता है।

आध्मान (पेट फूलने की बीमारी) में लाभकारी तालीशपत्र (Talisapatradi  to Relieves Flatulance in Hindi)

आजकल के असंतुलित जीवनशैली का उपहार, ये बीमारी भी है। पेट फूलने की बीमारी मतलब पेट में खाना अच्छी तरह से हजम नहीं होने पर गैस बनने लगता है। जिसके कारण मरीज डकार लेता है, पेट में बेचैनी होती है आदि। तालीशपत्र का सेवन पेट फूलने की बीमारी से राहत दिलाने में मदद करता है।

तालीशपत्र चूर्ण (thaleesadi churnam) में 2 ग्राम अजवायन चूर्ण मिलाकर खाने से आध्मान (अफारा) में लाभ होता है।

उदरशूल या पेटदर्द से राहत दिलाये तालीशपत्र चूर्ण (Benefits of Talisapatradi Churna in Stomachalgia in Hindi)

अगर अनियमित जीवनशैली होगी तो उसका असर सीधे पेट पर पड़ता है। अक्सर खाना अच्छी तरह से हजम न होने के कारण पेट में दर्द होने लगता है। इस कष्ट का भी निवारण तालीशपत्र के पास है।

2-4 ग्राम तालीशपत्र चूर्ण (talisadi churna in hindi)में काला नमक मिलाकर खाने से पेटदर्द  में लाभ (talisapatradi churna benefits)होता है।

 अपस्मार या मिर्गी में फायदेमंद तालीशपत्र का चूर्ण (Talisapatradi Churna for Epilepsy in Hindi)

मिर्गी तंत्रिकातंत्रीय विकार होता है जिसके कारण मरीज को बार-बार दौरे आते हैं। मिर्गी के कष्ट को कम करने में तालीशपत्र का चूर्ण काम (talisapatradi churna benefits)आता है।

तालीश पत्र चूर्ण (2-4 ग्राम) में समान मात्रा में वच चूर्ण मिलाकर शहद के साथ सेवन करने से अपस्मार या मिर्गी में लाभ होता है।

अरुची का करे इलाज तालीशपत्र का चूर्ण(Talisapatradi Churna to Fight Anorexia in Hindi)

अक्सर बहुत दिनों तक बीमार रहने  के कारण खाने की इच्छा मर जाती है। ऐसे परेशानी का इलाज भी तालीशपत्र के पास है।

खाने में रुचि बढ़ाने के लिए 2 ग्राम कपूर, 20 ग्राम मिश्री तथा 4 ग्राम तालीसपत्र चूर्ण (talisapatradi churna benefits) को मिलाकर 500 मिग्रा की गोलियां बना लें। इस गोली का सुबह शाम 1-1 गोली को मुँह में रखकर चूसने से अरुचि कम होने लगती है।

रक्तपित्त (कान-नाक से खून बहने की बीमारी) में फायदेमंद तालीशपत्र का चूर्ण (Uses of Talisapatradi Churna to Treat Hemorrhage in Hindi)

तालीशपत्र चूर्ण अथवा तालीशादि (2-3 ग्राम) चूर्ण को वासा-रस एवं मधु के साथ सेवन करने से कफ एवं पित्त से उत्पन्न विकार, खांसी, दम फूलना, गले की खराश तथा रक्तपित्त का कष्ट कम होता है।

ब्रोंकाइटिस के इलाज में तालीसपत्र के फायदे (Taleespatra Benefits in Treatment of Bronchitis in Hindi)

तालीसपत्र में कफ को निकालने का गुण पाया जाता है इसलिए इसका उपयोग ब्रोंकाइटिस में फायदेमंद होता है। तालीसपत्र के चूर्ण का शहद के साथ सेवन करने से कुछ ही दिनों में ब्रोंकाइटिस के लक्षण कम होने लगते हैं।

 दस्त रोके तालीशपत्र चूर्ण (Talisapatradi Churna Benefits for Diarrhoea in Hindi)

अक्सर ज्यादा मसालेदार खाना खाने से या असमय खाने से या किसी बीमारी के दुष्प्रभाव के कारण दस्त की समस्या होने लगती है।

2-4 ग्राम तालीशपत्र चूर्ण (talisapatradi churnam) में 2 ग्राम इन्द्रयव मिलाकर खाने से अतिसार या दस्त में लाभ (talisapatradi churna benefits) होता है।

2-4 ग्राम तालीशपत्र चूर्ण को शर्बत के साथ मिलाकर पीने से अतिसार या दस्त में लाभ होता है।

 जीभ की जलन और सूजन दूर करता है तालीसपत्र (Taleespatra Helps to reduce Tongue Swelling and Burning Sensation in Hindi)

तालीसपत्र में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होने के कारण आप इसका उपयोग जीभ की जलन और सूजन को कम करने में भी कर सकते हैं। उपयोग संबंधी विस्तृत जानकारी के लिए नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।

अस्थमा या सांस की समस्या में तालीसपत्र के फायदे (Uses of Taleespatra in Treatment of Asthma in Hindi)

दमा या सांस की समस्या होने पर आप तालीसपत्र का उपयोग कर सकते हैं। इसमें एक्सपेक्टोरेन्ट का गुण होता है और यह कफ को बाहर निकालने का काम करता है। खुराक और उपयोग विधि जानने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से संपर्क करें।

तालिसादि चूर्ण के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Talisadi Churna?)

तालिसादी चूर्ण का इस्तेमाल 2 से 4 ग्राम की मात्रा में शहद के अनुपान के साथ करना चाहिए | इस चूर्ण के कोई भी साइड इफेक्ट्स नहीं है अत: इसे आसानी से प्रयोग किया जा सकता है | बच्चों में यह मात्रा आधा कर देनी चाहिए |

तालिसादि चूर्ण के सेवन का तरीका (How to Use Talisadi Churna?)

बीमारी के लिए तालीशपत्र के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए तालीशपत्र का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें। चिकित्सक के परामर्श के अनुसार-   2-4 ग्राम तालीशपत्र के चूर्ण का सेवन कर सकते हैं।

सुबह-शाम आधा चम्मच तालिसादि चूर्ण को आधा चम्मच घी और दो चम्मच शहद में मिला कर सेवन करें।

नोट :- घी और शहद का अनुपात 1:4 का रखें ,याद रहें समान मात्रा में घी और शहद जहर बन जाता है ।

तालिसादी चूर्ण के घटक द्रव्य एवं निर्माण विधि 

इसका मुख्य द्रव्य तालिसपत्र होता है | इसी के आधार पर इसे तालिसादी चूर्ण कहते है | इसके निर्माण में निम्न द्रव्य काम में आते है –

  1. तालीस पत्र – 10 ग्रा.
  2. काली मिर्च – 20 ग्रा.
  3. सोंठ – 30 ग्रा.
  4. पीपल – 40 ग्रा.
  5. बंसलोचन – 50 ग्रा.
  6. छोटी इलायची के दाने – 6 ग्राम
  7. दाल चीनी – 6 ग्राम
  8. मिश्री या शक्कर – 300 ग्राम

निर्माण की विधि सबसे उपर बताये गए सभी औषध द्रव्यों को उनकी मात्रा में ले आये | अब इन्हें प्रथक – प्रथक पीसले और इनका महीन चूर्ण बना ले | इन सभी चूर्ण को आपस में मिलाले | यह तालिसादी चूर्ण तैयार है | इसकी वटी अर्थात गुटिका भी बनायीं जा सकती है | वटी बनाने के लिए इन चूर्णों को शर्करा के साथ पाक करना पड़ता है उसके बाद इनकी गुटिका बना सकते है |

तालिसादि चूर्ण के नुकसान (Side Effects of Talisadi Churna):-

Talisadi Churna (तालिसादि चूर्ण) लेने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करें । तालिसादि चूर्ण को डॉक्टर की सलाह अनुसार ,सटीक खुराक के रूप में समय की सीमित अवधि के लिए लें। अत्यधिक मात्रा में सेवन करने पर यह छाती में जलन जैसे लक्षण प्रगट कर सकता है।

तालिसादि चूर्ण कैसे प्राप्त करें ? ( How to get Talisadi Churna)

यह योग इसी नाम से बना बनाया आयुर्वेदिक औषधि विक्रेता के यहां मिलता है।

कहाँ से खरीदें  :-  अमेज़ॉन,नायका,स्नैपडील,हेल्थ कार्ट,1mg Offers,Medlife Offers,Netmeds Promo Codes,Pharmeasy Offers,

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको तालिसादि चूर्ण के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |