चकोतरा के फायदे और नुकसान | Chakotara ke fayde | health benefits of Grapefruit in hindi

चकोतरा को हम आसान भाषा में ग्रेपफ्रूट के नाम से भी जानते है। चकोतरा में सिट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। चकोतरा में मौजूद विटामिन सी कई रोगों को दूर करता है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम, लाइकोपीन, कैल्शियम, शर्करा, फॉस्फोरस भी मौजूद होता है। यह गुरु, शीतल, रुचिकर, वृष्य, रक्तपित्तशामक है।यह क्षय, श्वास, खांसी, हिक्का और भ्रम (चक्कर) आदि रोगों में लाभदायक कहा गया है।

चकोतरा के फायदे और नुकसान | Chakotara ke fayde | health benefits of Grapefruit in hindi
Chakotara ke fayde

चकोतरा के फायदे और नुकसान | Chakotara ke fayde | health benefits of Grapefruit in hindi

चकोतरा परिचय :- चकोतरा को हम आसान भाषा में  ग्रेपफ्रूट के नाम से भी जानते है। चकोतरा में सिट्रिक एसिड की मात्रा अधिक होती है। ये नींबू और संतरे की प्रजाति का होता है। वहीं इसके स्वाद की बात करें तो ये खट्टा होने के साथ साथ हल्का मीठा भी होता है। आपको बता दें कि चकोतरा का जूस पीने से हमें कई तरह का फायदा होता है। चकोतरा में मौजूद विटामिन सी कई रोगों को दूर करता है। इसके अलावा इसमें पोटेशियम, लाइकोपीन, कैल्शियम, शर्करा, फॉस्फोरस भी मौजूद होता है। आईए जानते है चकोतरा के फायदे और नुकसान क्या है (Chakaotara ke fayde aur nuksan in hindi) और इसका सेवन किस प्रकार हमारी सेहत के लिए रामबाण साबित होता है।

चकोतरा क्या है (What is Grapefruit?)

नींबू की जाति का यह फल है जो आकार में संतरे से बड़ा होता है। इसका छिलंका नारंगी से मोटा और खुरदरा होता है तथा इसका गूदा लाल होता है जो स्वाद में खट-मीठा होता है। फल के भीतर संतरे की तरह किन्तु बड़ी-बड़ी सफेद रंग की फाकें होती हैं। इसके बीज विजौरे नींबू जैसे ही, किन्तु उनके कुछ छोटे होते हैं। यह कच्ची अवस्था में हरा तथा पकने पर पीले रंग का हो जाता है।

यह मलेशिया और इन्डोनेशिया से सर्वत्र आया है। भारतवर्ष में अब यह प्रायः सर्वत्र पाया जाता है। हुगली (पं० बंगाल) का चकोतरा सबसे उत्तम होता है। उत्तराखण्ड, उ०प्र०, पंजाब, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में भी यह लगाया जाता है। इस फल में शर्करा तथा साइट्रिक एसिड (निम्बुकाम्ल) होता है और छिलकों में एक उत्पत् तैल पाया जाता है।

अनेक भाषाओं में चकोतरा के नाम (Grapefruit Called in Different Languages)

  • हिंदी :– चकोतरा , गगरिया नींबू

  • संस्कृत नाम :– मधु कर्कटी,

  • English :– Grapefruit

  • Scientific Names :– साइट्रस मेक्सिमा (Citrus Maxima)

 

चकोतरा  के द्रव्यगुण

  • रस (taste on tongue):- खट्टा-मीठा,

  • गुण (Pharmacological Action): - गुरु,

  • वीर्य (Potency): - शीत,

  • विपाक (transformed state after digestion):- मधुर ,

चकोतरा के गुण : Properties of Grapefruit

यह गुरु, शीतल, रुचिकर, वृष्य, रक्तपित्तशामक है।

यह क्षय, श्वास, खांसी, हिक्का और भ्रम (चक्कर) आदि रोगों में लाभदायक कहा गया है।

आचार्य चरक ने जिसका फलवर्ग में अम्लवेत के नाम से वर्णन किया गया है। वह इससे अलग है। कई व्यक्ति चकोतरे के सुखाये हुए गूदे को ही अम्लवेत के नाम से उपयोग में लाते हैं। वस्तुतः अम्लवेत तो बहुत खट्टा होता है इसलिए इसे ‘अम्लनामक’ नाम से जाना जाता है। जबकि चकोतरा खट्टा-मीठा होता है।

चकोतरा का वर्णन भावमिश्र ने मधु कर्कटी के नाम से किया है। द्रव्यगुण संग्रह के रचयिता चक्रपाणिदत्त ने भी मधुकर्कटी कहा है। इसकी टीका में शिवदास ने स्पष्ट किया है कि यह बिजौरा नींबू की अपेक्षा बड़ा और गूदे वाला होता है। इसके फल केशर बड़े और एक दूसरे से अलग होते हैं।

इन आचार्यों के वर्णन के अनुसार यह मधुर, पचने में भारी, ठण्डी तासीर वाला, रुचिकारक और पौरुष शक्ति वर्द्धक होता है। यह मूत्रल, अनुलोमक एवं आमदोषहर भी है।

चकोतरा से विभिन्न रोगों का सफल उपचार : Grapefruit benefits and Uses (labh) in Hindi

मधुमेह के लिए चकोतरा फल के फायदे

डायबिटीज के मरीज चकोतरा का सेवन कर सकते हैं। दरअसल, इससे जुड़ा एक शोध एनसीबीआई (NCBI – National Center for Biotechnology Information) ने प्रकाशित किया है। अध्ययन के अनुसार, जिन लोगों ने भोजन से पहले चकोतरा का सेवन किया, उनमें ग्लूकोज इंसुलिन के स्तर और इंसुलिन प्रतिरोध (Insulin Resistance) में कमी पायी गई । जिससे यह अनुमान लगाया जा सकता है कि मधुमेह रोगी इस फल का सेवन कर सकते हैं।

इसके अलावा, चकोतरा एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Glycemic Index) फल होता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI – जीआई) से जानकारी मिलती है कि भोजन कितनी जल्दी ब्लड शुगर (ग्लूकोज) को बढ़ा या घटा सकता है। अगर किसी खाद्य पदार्थ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा है, तो वो ब्लड ग्लूकोज की मात्रा बढ़ा सकता है। चकोतरा एक लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स फल है । यह फल रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। सावधानी के तौर पर डायबिटीज के मरीज इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

दिल के लिए चकोतरा खाने के फायदे

चकोतरा फल दिल की बीमारी के जोखिम को कम कर सकता है। इस संबंध में किए गए एक शोध में इस बात कि पुष्टि की गई है कि चकोतरा में मौजूद फ्लेवोनोइड्स हृदय रोगों पर सकारात्मक प्रभाव दिखा सकते हैं। शोध में बताया गया है कि फ्लेवोनोइड युक्त आहार के सेवन से इस्केमिक स्ट्रोक (रक्त के थक्कों की वजह से मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति न होना) और हृदय संबंधी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है ।

वहीं दूसरी ओर उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल दिल की बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकते हैं । ऐसे में चकोतरा फल का सेवन ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है और साथ ही हानिकारक कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम कर अच्छे कोलेस्ट्रॉल से सुधार कर सकता है ।

 रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए चकोतरा के फायदे

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता का सही होना बहुत जरूरी होता है। एक मजबूत इम्यून सिस्टम, बीमारियों और संक्रमण से बचाव का काम करता है । यहां चकोतरा के फायदे देखे जा सकते हैं। चकोतरा फल विटामिन ए और सी के साथ-साथ एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भी भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता सुधारने में मदद कर सकते हैं । ये पोषक तत्व शरीर के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम कर रोगों को दूर रखने में सहायक भूमिका निभाते हैं ।

ब्लड प्रेशर के लिए चकोतरा फल

ब्लड प्रेशर की समस्या दिल की बीमारी के साथ हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकती है । इसलिए, जरूरी है कि खानपान का ध्यान रखकर रक्तचाप को नियंत्रण में रखा जाए। उच्च रक्तचाप को नियंत्रण में रखने के लिए व्यक्ति चकोतरा फल का सेवन कर सकता है। इसी विषय पर किए गए अध्ययन के अनुसार, चकोतरा फल का सेवन न सिर्फ ब्लड प्रेशर को कम कर सकता है, बल्कि हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को भी कम कर सकता है ।

वजन कम करने के लिए चकोतरा फल

बढ़ता वजन मधुमेह, उच्च रक्तचाप, लिवर संबंधी समस्याओं आदि का कारण बन सकता है । इस स्थिति में बेहतर है कि वक्त रहते वजन को नियंत्रित किया जाए। यहां चकोतरा लाभकारी हो सकता है। दरअसल, इस संबंध में एक शोध किया गया है। शोध में परीक्षण के लिए 91 लोगों को शामिल किया गया। परीक्षण के दौरान 12 हफ्तों तक कुछ लोगों को चकोतरा फल का सेवन कराया गया, कुछ लोगों को चकोतरा फल के रस का, कुछ लोगों को चकोतरा फल के सप्लीमेंट का और कुछ लोगों को प्लेसिबो नामक कैप्सूल का। 12 हफ्ते के बाद यह बात सामने आई कि जिन लोगों ने चकोतरा और चकोतरे के रस का सेवन किया, उनके वजन में कमी देखी गई ।

त्वचा के लिए चकोतरा फल

चकोतरा फल न सिर्फ सेहत के लिए बल्कि त्वचा के लिए भी लाभकारी हो सकता है। यह बात एनसीबीआई की वेबसाइट पर प्रकाशित एक शोध में सामने आई है। इस शोध में उन महिलाओं को शामिल किया गया, जिनमें फोटोऐजिंग के लक्षण देखे गए। उन्हें चकोतरा फल और रोजमेरी से बना पाउडर मिश्रण (Nutroxsun) का सेवन कराया गया। इस शोध से यह बात सामने आई कि रोजमेरी और चकोतरा से बना पाउडर मिश्रण न सिर्फ सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा का बचाव कर सकता है, बल्कि त्वचा की झुर्रियों को भी कम कर सकता है (। इस सप्लीमेंट को आप डॉक्टरी परामर्श पर ले सकते हैं।

कोलेस्ट्रॉल को कम करें – Grapefruit Benefits For Lower Bad Cholesterol in Hindi

जर्नल ऑफ एग्रीकल्चर एंड फूड कैमिस्ट्री द्वारा किए गए एक अध्ययन में सामने आया है कि रोजाना एक चकोतरा खाने से शरीर में मौजूद खराब कोलेस्टॉल को 15.5 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। शरीर में कोलोस्टॉल की मात्रा बढ़ जाने से दिल की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। आपको बता दें कि कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का वसा है जो आपकी धमनियों में बढ़ सकता है और दिल का दौरा व स्ट्रोक का जोखिम बढ़ा सकता है। अगर आप कोलेस्ट्रोल को कम करने वाली दवाओं का सेवन कर रहे है तो इसे लेने की जरूरत नहीं है।

इम्यून सिस्टम को बनाए मजबूत – Chakaotara Increase Immune System in Hindi

ग्रेपफ्रूट को सेवन करने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता का विकास होता है। इसमें पाए जाने वाले विटामिन ए और सी प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने मे मदद करता है। कुछ शोध में सामने आया है कि उम्र बढ़ने के साथ शरीर में विटामिन सी के कमी के कारण इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है।

कैंसर की रोकथाम में – Grapefruit Benefits For Prevent Cancer in Hindi

एक अध्ययन में पाया गया है कि जो प्रति दिन साइट्रस फूड का सेवन करते है उनमें कैंसर होने का खतरा काफी कम हो जाता है। इसके सेवन से  प्रोस्टेट और अग्नाशय के कैंसर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। वैज्ञानिकों का मानना है कि साइट्रस फ्रूट सूजन को कम करने के साथ ही कैंसर सेल की बढ़ने से रोकता है।

घाव को तुरंत भरे – Grapefruit Benefits For Wound Healing in Hindi

ग्रेपफ्रूट में 72 एमजी विटामिन सी होता है। विटामिन सी की मदद से सर्जरी के बाद घाव को भरने में मदद मिलता है। अगरी आपकी सर्जरी होने वाली है तो डॉक्टर से सलाह लेकर आपके इसका सेवन कर सकते है।

आँखों के लिए – Grapefruit Benefits For Eyes in Hindi

ग्रेपफ्रूट में संतरे की तुलना में अधिक विटामिन ए होता है यह विटामिन आपकी आंखों के लिए अच्छा है इसके साथ, आप अपने विटामिन सी का 64%, अपने फाइबर का 8%, कैल्शियम (3%) और लोहे (1%) का थोड़ा सा भाग प्राप्त कर लेते हैं। इसलिए इसे सुपरफ़ूड कहां है दिन में एक चकोतर का सेवन आँखों के लिए लाभदायक होता है।

किडनी स्टोन से – Grapefruit Benefits For Kidney Stone in Hindi

ग्रेपफ्रूट में साइट्रिक एसिड होता है जिसके कारण इसके सेवन से किडनी स्टोन का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है। इसके सेवन करने से मूत्र का पीएच काफी बढ़ जाता है। साथ ही कैल्शियम के कारण बनने वाले स्टोन को कम करता है।

पित्त प्रकोप में-

चकोतरे के रस में शक्कर मिलाकर सेवन करने से पित्त प्रकोप शांत होता है।

 पागलपन में

गर्मी के कारण उत्पन्न पागलपन में इसके रस को प्रात:काल पिलाना हितकर होता है।

कटिशूल में

कमर के दर्द को दूर करने के लिए इसके रस में 500 मि.ग्राम जवाखार और दो चम्मच शहद मिलाकर प्रयोग में लाते हैं।

अरुचि में-

इसके रस में नमक एवं काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर पिलाने से अरुचि रोग दूर होता है।

मूत्राघात में-

पेशाब नहीं उतरने पर इसके रस में जवाखार और कलमी शोरा एक-एक ग्राम मिलाकर सेवन कराते हैं।

मेद वृद्धि में-

चर्बी के अधिक बढ़ने पर इसके रस में बराबर पानी और २-३ चम्मच शहद मिलाकर नियमित पिलायें।

मलेरिया में

एक पका हुआ चकोतरा लें। बीच से काटें। आधा चकोतरा का गूदा निकालें। एक गिलास पानी में उबालें। निचोड़-छानकर रोगी को दें। जब तक जरूरत हो देते रहें।

कीड़ों में-

आंत में रहने वाले कीड़े इसके छिलकों के क्वाथ पीने से मर जाते है।

आमाशय विकारों में-

इसके छिलकों के टुकड़ों का मुरब्बा बनाकर सेवन करायें।

सिर दर्द में-

वायु के कारण उत्पन्न सिरदर्द में इसके छिलकों को पीस ललाट पर लगाने से लाभ होता है।

चकोतरा के सेवन की मात्रा (How Much to Consume Grapefruit?)

चकोतरा फल का सेवन कितनी मात्रा में करना है, यह व्यक्ति की उम्र और उसकी सेहत पर निर्भर करता है। इसलिए, इसके बारे में ज्यादा जानकारी के लिए व्यक्ति आहार विशेषज्ञ की सलाह ले सकता है।

चकोतरा के सेवन का तरीका (How to Use Grapefruit?)

नीचे जानिए कैसे आप चकोतरा फल को आसानी से उपयोग में ला सकते हैं।

  • चकोतरा फल का सेवन सीधे किया जा सकता है।

  • चकोतरा फल के जूस का सेवन किया जा सकता है।

  • चकोतरा को अन्य फलों के साथ फ्रूट सलाद के रूप में खाया जा सकता है।

  • चकोतरा फल को स्क्रब या फेसपैक की तरह त्वचा पर उपयोग किया जा सकता है।

  • चकोतरा फल का रस भी चेहरे पर लगाया जा सकता है।

  • बालों के लिए चकोतरा फल का हेयर मास्क उपयोग किया जा सकता है।

चकोतरा के नुकसान :Side Effects of Grapefruit

  • ग्रेपफ्रूट के फायदे आपने जाने लेकिन यह फल खाने से पहले आपको कुछ सावधानियां रखना भी जरुरी होता है वरना आपको चकोतरा के नुकसान का सामना करना पड़ सकता है आइये जानते है चकोतरा के नुकसान क्या है।

  • चकोतरा का उपयोग एलर्जी की दवाओं के साथ नहीं करना चाहिए, Grapefruits में एक प्राकृतिक रसायन furanocoumarin होता हैं जो एलर्जी की दवाओं के साथ आपके लीवर को प्रभावित कर सकता है।

  • यदि आप एक इरेक्टाइल डिसफंक्शन दवा ले रहे हैं, तो चकोतरा का सेवन नुकसानदेह हो सकता हैं

  • इस तरह की दवाओं में वियाग्रा (सिल्डेनाफिल), कैलिस (तडालफिल), और लेविट्रा (वार्नाफिल) शामिल हैं।

  • ग्रेपफ्रूट को चिंता, दिल, और एचआईवी दवाओं के साथ उपयोग नहीं करना चाहिए।

  • इसकी अधिक मात्रा यकृत को नुकसान पहुँचाती है, इसके निवारण के लिए मधु और चीनी का सेवन हितकारी है।

  • चकोतर फल के फायदे बहुत है लेकिन अगर आप चिकित्सीय उपचार शुरू करने वाले है या ले रहे है तो इसका सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें क्योंकि चकोतर बहुत सी दवाओं के साथ अपनी प्रतिक्रिया दिखता है।

चकोतरा कहाँ पे पाया या उगाया जाता है (Where is Grapefruit Found or Grown?)

यह मलेशिया और इन्डोनेशिया से सर्वत्र आया है। भारतवर्ष में अब यह प्रायः सर्वत्र पाया जाता है। हुगली (पं० बंगाल) का चकोतरा सबसे उत्तम होता है। उत्तराखण्ड, उ०प्र०, पंजाब, महाराष्ट्र, तमिलनाडु में भी यह लगाया जाता है। इस फल में शर्करा तथा साइट्रिक एसिड (निम्बुकाम्ल) होता है और छिलकों में एक उत्पत् तैल पाया जाता है।

ध्यान दें :- Dcgyan.com के इस लेख (आर्टिकल) में आपको ग्रेपफ्रूट के फायदे, प्रयोग, खुराक और नुकसान के विषय में जानकारी दी गई है,यह केवल जानकारी मात्र है | किसी व्यक्ति विशेष के उपयोग करने से पहले चिकित्सक से परामर्श करना आवश्यक है |