बिजौरा नींबू के फायदे और नुकसान | Bijora Nimbu ke fayde | health benefits of Bijora Nimbu in hindi

बिजौरा नींबू फल के रस को वर्षा में सेंधानमक के साथ, शरद् में मिश्री या चीनी के साथ, हेमन्त में नमक, अदरख, हींग, काली मरिच तथा शिशिर व भ्रंशत में भी हेमन्त के समान व ग्रीष्म में गुड़ के साथ इसका सेवन अति लाभप्रद होता है। चरक, सुश्रुत और वागभट के मतानुसार यह वनस्पति अथवा इसकी छाल, पत्ते या फल दूसरी औषधियों के साथ में सर्प विष के उपचार में काम आते हैं । इसकी छाल सुगन्धित और कटु पौष्टिक होती है।

बिजौरा नींबू  के फायदे और नुकसान  | Bijora Nimbu ke fayde | health benefits of Bijora Nimbu in hindi
Bijora Nimbu ke fayde

बिजौरा नींबू  के फायदे और नुकसान  | Bijora Nimbu ke fayde | health benefits of Bijora Nimbu in hindi

बिजौरा नींबू  परिचय :-

वैसे तो नींबू का इस्तेमाल भी घरेलू उपचारों में बहुत किया जाता है, उसी तरह नींबू बिजौरा का इस्तेमाल आयुर्वेद में कई जाने-अनजाने बीमारियों के इलाज के लिए औषधी के रूप में इसका उपयोग किया जाता है।

बिजौरा नींबू  क्या है (What is Bijora Nimbu?)

चरक के हृद्य एवं छर्दिनिग्रहण गणों में तथा सुश्रुत-संहिता में नींबू बिजौरा के गुण-धर्म का उल्लेख मिलता है। इसका फल नींबू से काफी बड़ा होता है। यह मीठे और खट्टे के भेद से दो प्रकार का होता है। मीठे फल का बिजौरा लाल-गुलाबी रंग का होता है। इसका छिलका बहुत मोटा होता है। इसके मध्यम कद के झाड़ीनुमा वृक्ष होते हैं। इसके पत्ते कुछ बड़े, चौड़े और लम्बे होते हैं। फूल सफेद रंग के तथा सुगन्धित होते हैं। इसके फल गोल, आगे के भाग में उभारयुक्त  तथा अधिक बीजयुक्त होते हैं। फल की छाल छोटे-छोटे उभारों से युक्त मोटी, सुगन्धित तथा स्वाद में कड़वी होती है।

अनेक भाषाओं में बिजौरा नींबू  के नाम (Bijora Nimbu Called in Different Languages)

हिंदी : बिजोरा नींबु, तुंज ;

संस्कृत नाम : बीजपूर, मातुलुङ्ग, बीजफलक, रुचक, फलपूरक, बीजपूरक, बीजक, अम्लकेशर, बीजपूर्ण, पूर्णबीज, सुकेशर, मातुलिङ्ग, सुपूर, गन्धकुसुम, सिन्धुपादप, जन्तुघ्न, पूरक, रोचनफल, लुङ्ग, केसरी, केसराम्ल, मध्यकेसर ;

English :– Adam’s Apple (आदम्स एपल );

Scientific Names :–  Citrus midica. ( साइट्रस मेडिका );

Assamese :- जोरा टेन्गा ( Jora tenga) ;

Konkani :- माउलिंग (Mauling);

Kannada :-  मादल (Madal), रुसक (Rusaka) ;

Gujrati :-  बिजोरू (Bijoru), बलक तुंज (Balak tunj) ;

Tamil :-  मादलम् (Madalam), नरोत्ताई कोगिलेचम (Narottai kogilecham), कोम्माटीमदलाई (Kommatidalai) ;

Telugu :-  लुंगमु (Lungamu), मादिफलमु (Madiphalamu) ;

Bengali :- टावालेबु (Tavalebu), वेगपूर (Vegpur);

Nepali :- बिमिरो (Bimiro) ;

Punjabi :- बजौरी (Bajori), निम्बू (Nimbu) ;

Marathi :- महालुङ्ग (Mahalung);

Malayalam :- गिलम (Gilam), मतलनारकं (Matlanarkam)।

English :- एडमस् एप्पल (Adam’s apple), मेलोन लाइम (Melon lime);

Arbi :-  ऊत्तरञ्ज (Uttranj), उतरज (Utraj);

Persian :-  तुंज (Turanj), तरञ्ज (Taranj)।

बिजौरा नींबू   के द्रव्यगुण

रस (taste on tongue):-  मधुर

गुण (Pharmacological Action): –  गुरु/भारी, स्निग्ध

वीर्य (Potency): –  शीत

विपाक (transformed state after digestion):-  मधुर

बिजौरा नींबू  के गुण : Properties of Bijora Nimbu

नींबू बिजौरा के अनगिनत फायदों के बारे में जानने के पहले इसके औषधीय गुणों के बारे में जानने की जरूरत है-

इसके फूल पाचन शक्ति को बढ़ाने, ग्राही (absorbing), लघु, शीतल तथा रक्तपित्त (नाक-कान से खून बहना) से आराम दिलाने वाला होते हैं।

नींबू बिजौरा फूलों की केशर पाचन को बेहतर बनाने, लघु, ग्राही, खाने की इच्छा बढ़ाने, गुल्म या ट्यूमर, पेट संबंधी रोग, सांस संबंधी समस्या, खांसी, हिक्का, शोष या सूखा रोग, मदात्यय (Intoxication), विबन्ध या कब्ज, अर्श या पाइल्स तथा छर्दि या उल्टी के कष्ट से आराम दिलाने वाला होता है।

यह दीपन, कंठ्य, जीभ तथा हृदय को शुद्ध करने वाला, दमा-खांसी, अरुचि, पित्त तथा प्यास ज्यादा लगने की बीमारी को कम करने में मदद करती है। इसकी जड़ कृमिनाशक है तथा कब्ज में प्रयोग की जाती है।

फूलों की केसर से निकाला गया रस कमरदर्द, कफ, अरुचि, मदात्यय (Intoxication), विबन्ध या कब्ज, बवासीर और उल्टी के परेशानी को दूर करने में मदद करता‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‍है।

इसकी‌‌‍‌‌‌‍‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‍  ‌‌‍‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌‌जड़ लघु, दर्दनिवारक, वातकारक, रक्तपित्त, अर्श या बवासीर, कृमि, विसूचिका (Cholera) तथा कब्ज के कष्ट से राहत दिलाने वाली होती है।

इसके फल का रस पीठ और कमर का दर्द, हृत्शूल (angina pectoris) तथा कफवातशामक होता है।

इसकी फलमज्जा मधुर, स्निग्ध, बलकारक, दीपन, वातपित्त से आराम दिलाने वाला, गले के दर्द से राहत दिलाने वाली, तीक्ष्ण तथा लघु होती है।

इसकी फल की त्वचा कड़वी, गर्म, गुरु, स्निग्ध, तीक्ष्ण, कफवात से आराम दिलाने वाली,  छर्दि तथा अरुचि नाशक होती है।

बिजौरा नींबू  से विभिन्न रोगों का सफल उपचार : Bijora Nimbu benefits and Uses (labh) in Hindi

पेट की कृमि के इलाज में लाभकारी नींबू बिजौरा (Nimbu Bijoura Beneficial to Treat Intestinal Worms in Hindi)

पेट की कृमि को निकालने में नींबू बिजौरा का औषधीकारक गुण बहुत काम करता है।

5-10 ग्राम बिजौरा नींबू बीज चूर्ण को गर्म जल के साथ देने से पेट की कृमि से मुक्ति मिलने में आसानी होती है। होता है।

फल के छिलकों का काढ़ा बनाकर पिलाने से पेट की कृमियों के कष्ट से आराम मिलता है।

उल्टी से दिलाये राहत नींबू बिजौरा (Benefit of Nimbu Bijoura to Get Relief from Vomiting in Hindi)aalubukhara

खाना में बदहजमी होने पर उल्टी से परेशान रहते हैं तो नींबू बिजौरा का सेवन इस तरह से करने पर जल्दी आराम मिलता है-

बिजौरा नींबू की 10-20 ग्राम जड़ को 200 मिली पानी में उबालकर चतुर्थांश शेष का काढ़ा बनाकर पिलाने से छर्दि या उल्टी से राहत मिलती है।

भोजन करने के बाद अगर उल्टी आती है तो शाम के समय बिजौरा नींबू का ताजा रस 5-10 मिली मात्रा में पिलाना चाहिए।

10-20 मिली बिजौरा फल के रस में शर्करा, शहद तथा पिप्पली चूर्ण मिलाकर पीने से छर्दि या उल्टी से राहत मिलती है।

दस्त से खून आने से रोकने में करे मदद नींबू बिजौरा (Nimbu Bijoura Beneficial to Treat Blood Dysentry in Hindi)

बिजौरा नींबू की जड़ की छाल तथा फूलों को चावल के धोवन के साथ पीसकर थोड़ा जल तथा शहद मिलाकर सेवन करने से रक्तातिसार तथा रक्तार्श में लाभ होता है।

पित्तज विकार में फायदेमंद नींबू बिजौरा (Benefit of Nimbu Bijoura in Pittaj related Diseases in Hindi)

10-20 मिली बिजौरा नींबू रस में समान मात्रा में शहद मिलाकर और इसमें जल मिलाकर शर्बत बना लें, इस शर्बत में 500 मिग्रा सोंठ, 500 मिग्रा मरिच तथा 500 मिग्रा पिप्पली चूर्ण मिलाकर पिलाने से जलन, उल्टी आदि पित्तज विकारों से आराम दिलाता है।

मूत्र संबंधी बीमारियों में फायदेमंद नींबू बिजौरा (Nimbu Bijoura Beneficial in Urinary Diseases in Hindi)

नींबू बिजौरा जड़ की छाल मूत्र संबंधी रोगों के इलाज में बहुत फायदेमंद होता है। जड़ की छाल के 2-5 ग्राम चूर्ण का सेवन सुबह शाम जल के साथ करने से मूत्र-विकारों से आराम मिलता है।

किडनी रोगों के इलाज में लाभकारी नींबू बिजौरा (Benefit of Nimbu Bijoura in Kidney Diseases in Hindi)

10-15 मिली बिजौरा फल के रस में 65 मिग्रा यवक्षार (saltpeter) तथा शहद मिलाकर सेवन करने से किडनी में दर्द आदि किडनी संबंधी बीमारियों में होता है।

अश्मरी या पथरी के इलाज में फायदेमंद नींबू बिजौरा (Nimbu Bijoura Beneficial in Kidney Stone in Hindi)

10-15 मिली बिजौरा फल के रस में सेंधानमक मिलाकर सेवन करने से अश्मरी या पथरी टूट-टूट कर निकल जाती है।

खुजली के परेशानी को करे दूर नींबू बिजौरी (Uses of Nimbu Bijoura in Scabies in Hindi)

खुजली के परेशानी को दूर करने में गन्धक का औषधीय गुण बहुत फायदेमंद होता है। बिजौरा नींबू फल के रस में मिलाकर लगाने से खुजली में आराम मिलता है। नींबू के बीजों को पीसकर लेप करने से सूजन तथा चर्म रोगों में भी लाभ होता है।

दर्द से दिलाये आराम नींबू बिजौरी (Nimboo Bijoura Beneficial to Treat as a Painkiller in Hindi)

नींबू बिजौरी किसी भी प्रकार के दर्द से राहत दिलाने में बहुत फायदेमंद होते हैं-

1-2 ग्राम मूल चूर्ण को घी के साथ मिश्रित कर सेवन कराने से दर्द से आराम मिलता है।

5-10 मिली जड़ के रस में 65 मिग्रा यवक्षार मिलाकर सेवन करने से कुक्षिशूल (stigma) तथा कमर दर्द से आराम मिलता है।

इसके पत्तों को गर्मकर पीड़ा युक्त स्थानों पर बाँधने से लाभ होता है।

सूजन के इलाज में फायदेमंद नींबू बिजौरी (Nimboo Bijoura Beneficial in Inflammation in Hindi)

अगर कोई घरेलू उपचार काम नहीं कर रहा है तो नींबू बिजौरी का इस तरह से उपयोग करने पर जल्दी आराम मिलेगा-

बिजौरा मूल के साथ अरनी मूल, देवदारु, सोंठ, कटेरी और रास्ना समभाग मिलाकर पीसकर लेप करने से घाव तथा वातज सूजन को कम करने में लाभकारी होता है।

विष के असर को कम करे नींबू बिजौरी (Benefit of Nimboo Bijoura to Treat Poison in Hindi)

नींबू बिजौरी का औषधीय गुणों विष के असर को कम करने में बहुत काम आता है-

निद्रा लाने वाले तीक्ष्ण विषों के प्रभाव को नष्ट करने के लिए 10-20 मिली बिजौरा नींबू के रस को थोड़ी-थोड़ी देर से पिलाना चाहिए।

विषैले जीवों के काटने से जो विष चढ़ जाता है, उसे उतारने के लिए इसका 20-30 बूँद अर्क पिलाना चाहिए।

बुखार के इलाज में लाभकारी नींबू बिजौरी (Benefit of Nimbu Bijoura to Treat Fever in Hindi)

नींबू बिजौरी का औषधिपरक गुण बुखार के इलाज में बहुत लाभकारी होता है-

फल रस में थोड़ा कुनैन बुरक कर सुबह, दोपहर तथा शाम पिलाने से पित्तज्वर और नियत-कालिक-ज्वर का आराम होता है। पत्तों का काढ़ा भी लाभकारी होता है।

10-20 मिली बिजौरा जड़ छाल के काढ़े को दिन में तीन बार पिलाने से बुखार में आराम मिलता है।

नींबू की कली, मधु तथा सेंधानमक को एक साथ पीसकर तालु पर लेप करने से पित्तज्वरजन्य तृष्णा का शमन होता है।

बिजौरा नींबू के पत्तों का काढ़ा बनाकर 15-20 मिली मात्रा में पिलाने से ज्वर से आराम मिलता है।

किडनी रोगों के इलाज में लाभकारी नींबू बिजौरा (Benefit of Nimbu Bijoura in Kidney Diseases in Hindi)

10-15 मिली बिजौरा फल के रस में 65 मिग्रा यवक्षार (saltpeter) तथा शहद मिलाकर सेवन करने से किडनी में दर्द आदि किडनी संबंधी बीमारियों में होता है।

खुजली के परेशानी को करे दूर नींबू बिजौरी (Uses of Nimbu Bijoura in Scabies in Hindi)

खुजली के परेशानी को दूर करने में गन्धक का औषधीय गुण बहुत फायदेमंद होता है। बिजौरा नींबू फल के रस में मिलाकर लगाने से खुजली में आराम मिलता है। नींबू के बीजों को पीसकर लेप करने से सूजन तथा चर्म रोगों में भी लाभ होता है।

अपस्मार या मिर्गी के इलाज में फायदेमंद नींबू बिजौरी (Nimbu Bijoura Beneficial to Treat Epilepsy in Hindi)

बिजौरा फल के रस में नीम पत्ते का रस तथा निर्गुण्डी पत्ते के रस में मिलाकर 3 दिन तक नाक से  देने से अपस्मार या मिर्गी में लाभ होता है।

रक्तपित्त में फायदेमंद नींबू बिजौरी (Nimbu Bijoura Uses to Treat Haemoptysis in Hindi)

बिजौरा नींबू जड़ के चूर्ण और फूल के चूर्ण को बराबर-बराबर मात्रा में मिलाकर 1-2 ग्राम चूर्ण को चावल की मांड के साथ सेवन करने से रक्तपित्त में लाभ होता है।:

नींबू बिजौरा  का उपयोगी भाग (Useful Parts of Nimbu Bijoura)

आयुर्वेद के अनुसार नींबू बिजौरा का औषधीय गुण इसके इन भागों को प्रयोग करने पर सबसे ज्यादा मिलता है-

फल,फल का रस,फूल का केसर,बीज,जड़ का पत्ता एवं छाल।

बिजौरा नींबू के गुण, दोष और प्रभाव :

  • इसकी जड़ कृमिनाशक होती है, कब्जियत और अर्बुद या गांठ के रोग में इसका उपयोग किया जाता है,

  • यह पेट के दर्द को दूर करती है, वमन, मूत्रसम्बन्धी पथरी रोग और दन्तरोग में उपयोगी है ।

  • इसकी कलियां और फूल उत्तेजक और आंतों के लिये संकोचक होते हैं, भूख बढ़ाते हैं, वमन की शिकायत दूर करते हैं,

  • यह अबुद या गांठ में लाभदायक है।

  • ये पेट की शिकायतों में फायदेमन्द है।

  • यह दमा, खांसी, कुकुरखांसी और नशे को दूर करने में लाभदायक है।

  • इसके कच्चे फल वात, पित्त और कफ को बढ़ाते हैं। तथा रक्त को भी दूषित करते हैं । पके फल मीठे कसैले, उत्तेजना देने वाले, पाचक और पौष्टिक होते हैं।

  • ये कुष्ठ को दूर करने वाले, गले के घाव अच्छा करने वाले और कफ, दमा, प्यास, कुकुरखांसी आदि में मुफीद हैं ।

  • ये गले की शिकायतों में लाभप्रद माने गये हैं। इसका रस कान के दर्द को शांत करता है।

  • इसके फल का छिका तिक्त, उग्र तैलयुक्त होता है। और वात तथा कफ का नाशक है।

  • इसके बीज अपचय, भारी, शरीर में उष्णता लाने वाले, उत्तेजक और पौष्टि होते हैं।

  • ये बवासीर एवं पित्त विकार में लाभदायक और जलन तथा कक विनाशक हैं।

  • इसका छिलका गर्म, खुश्क और बलदायक होता है ।

  • इसके फल का गूदा शीतल और खुश्क होता है।

  • इसके बीज, पत्ते और फूल गर्म और खुश्क होते हैं ।

  • इसका रस ज्वरनिवारक, तृपाशामक और संकोचक होता है।

  • यह विष विकार में भी लाभदायक है ।

  • इसके भभके से उड़ाया हुआ अर्क उपशामक द्रव्य की तरह काम में लिया जाता है ।

  • चरक, सुश्रुत और वागभट के मतानुसार यह वनस्पति अथवा इसकी छाल, पत्ते या फल दूसरी औषधियों के साथ में सर्प विष के उपचार में काम आते हैं ।

  • डाक्टर देसाई के मतानुसार इसका रस दीपन, पाचन और रक्तशोधक होता है ।

  • इसकी छाल सुगन्धित और कटु पौष्टिक होती है।

  • इसके पत्ते पसीना लाने वाले और कुछ वेदनाशक होते हैं।

  • इसके फूल मृदुस्वभावी होते हैं। इसकी जड़ संकोचक और कुछ वेदनानाशक होती है ।

  • ज्वर में इसके पत्तों का फांट बनाकर देते हैं ।

  • वमन बन्द करने के लिये इसकी जड़ औटाकर देते हैं। बच्चों के दूध उगलने की बीमारी में यह विशेष रूप से उपयोगी होता है ।

बिजौरा नींबू  के सेवन का तरीका (How to Use Bijora Nimbu?)

यदि आप किसी ख़ास बीमारी के घरेलू इलाज के लिए नींबू बिजौरा का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो बेहतर होगा कि किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही इसका उपयोग करें।

(bijora nimbu)बिजौरा नींबू फल के रस को वर्षा में सेंधानमक के साथ, शरद् में मिश्री या चीनी के साथ, हेमन्त में नमक, अदरख, हींग, काली मरिच तथा शिशिर व भ्रंशत में भी हेमन्त के समान व ग्रीष्म में गुड़ के साथ इसका सेवन अति लाभप्रद होता है।

बिजौरा नींबू  कहाँ पे पाया या उगाया जाता है (Where is Bijora Nimbu Found or Grown?)

इसके वृक्ष समस्त भारतवर्ष में प्राय: बाग, बगीचों में लगाए जाते हैं।